
मातृभूमि संदेश जगदलपुर बस्तर।। सतीश वानखड़े, अनुसूचित जाति जनजाति संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ, जगदलपुर नगर निगम शौचालय को लेकर स्वच्छता अभियान पर प्रश्नचिन्ह उठाया है?, जगह-जगह दीवानों में स्वच्छता अभियान की स्लोगन लिखकर नगर निगम ने स्वच्छता अभियान का श्रीगणेश किया है, इस स्लोगन को लिखने में लाखों रुपए खर्च कर दिए गए हैं, अब भी शौचालय में गंदगी का आलम है इस संबंध में जगदलपुर नगर पालिक निगम द्वारा संचालित सुलभ शौचालयों की हालत बदतर है। केंद्र सरकार स्वच्छ भारत मिशन अभियान चला रही है तो दूसरी तरफसरकारी अमला ही अभियान में पलीता लगा रह हैं। शहर के बस स्टैंड समेत अधिकतर शौचालयों में पर्याप्त रूप से साफ-सफाई नहीं होती है। लोगों से सुविधा शुल्क तो वसूला जा रहा है लेकिन सुविधाओं के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं की गई है। दिव्यांगजनों हेतु मापदंड अनुसार महारानी अस्पताल व गिने-चुने शौचालयों पर ही अलग से टायलेट बनाए गए हैं। ऐसे में उन्हें परेशानी का सामना करता पड़ रहा है। वहीं गंदगी के चलते महिलाओं व बच्चों को काफी दिक्कत हो रही है। शहर के मुख्य बाजार स्थल व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी शौचालय नहीं बनाए गए हैं। मुख्यालय मे बड़ी संख्या मेंबाहर से लोग खरीद-फरोख्त के लिए आते हैं। उन्हें शौचालय सुलभ नहीं होने से परेशान होना पड़ता है। संगठन जनहित में शौचालयों में साफ-सफाई करने तथाआवश्यकतानुसार नए शौचालय बनाने की मांग करता है।
सतीश वानखड़े,
अनुसूचित जाति जनजाति संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ