

बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत एक ऐतिहासिक सफलता सामने आई है। दंडकारण्य स्पेशल ज़ोनल कमेटी (DKSZC) के सदस्य और साउथ सब ज़ोनल ब्यूरो के इंचार्ज पाप्पा राव ने 17 अन्य माओवादी कैडरों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है।
इस समूह में DVCM स्तर के प्रमुख कैडर प्रकाश मड़वी और अनिल ताती भी शामिल हैं। कुल 18 माओवादियों में 7 महिला कैडर भी शामिल हैं।
यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ सरकार के नक्सल उन्मूलन अभियान के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जो विष्णु देव साय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में संचालित हो रहा है।
इस दौरान विजय शर्मा उपमुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ की मौजूदगी में यह आत्मसमर्पण हुआ।
साथ ही किरण सिंह देव माननीय प्रदेश अध्यक्ष की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और महत्वपूर्ण बना दिया।
👉 इसके अतिरिक्त बस्तर क्षेत्र के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि केदार कश्यप (कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन) की सक्रिय भूमिका एवं क्षेत्र में शांति और विकास के प्रयासों को भी इस सफलता का एक महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, सभी नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई है। आत्मसमर्पण के दौरान AK-47 सहित कई हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंपे गए हैं।
सरकार द्वारा पुनर्वास योजना के तहत इन सभी को आर्थिक सहायता और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे अन्य नक्सली भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित होंगे।
🔹 18 माओवादी सरेंडर
🔹 ₹25 लाख का इनामी लीडर
🔹 7 महिला कैडर शामिल
🔹 AK-47 सहित हथियार बरामद
📞 संपर्क: 9630754908
🖊️ प्रमुख संपादक: अश्वनी कुमार कौशिक