रायपुर छत्तीसगढ़।। 25 फरवरी 2022 से किसानों द्वारा छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले अखण्ड सत्याग्रह चल रहा है। शासकीय भूमि में गैर कानूनी ढंग से “करणी कृपा स्टील एवं पावर प्लांट” लगाने के विरोध।
विश्व धरोहर सिरपुर बचाने 263वें दिन किसान सत्याग्रह जारी, सत्याग्रह के चलते दर्जनों किसानों के भुगतान के लिए आये शिकायत पर किसान मोर्चा ने बागबाहरा के किसानों को कराया भुगतान,तुमगांव क्षेत्र के आधा दर्जन किसानों का सात दिन में हो जाएगा भुगतान,किसान आंदोलन के ऐतिहासिक सफलता से किसानों का मनोबल बढ़ा, करोड़ों रुपये किसानों का भुगतान व्यापारियों से कराया गया आंदोलन जारी -किसान मोर्चा तुमगांव विश्व धरोहर सिरपुर बचाने,हाईवे स्थिति खैरझिटी, कौंवाझर, मालिडीह के कृषि भूमि,गरीबों का काबिल कास्त भूमि, आदिवासी भूमि,शासकीय भूमि में गैर कानूनी ढंग से करणी कृपा स्टील एवं पावर प्लांट लगाने के विरोध में विगत 25 फरवरी 2022 से किसानों द्वारा छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले अखण्ड सत्याग्रह चल रहा है।आज अखंड सत्याग्रह के 263 वें दिन धान कटाई की व्यस्तता के बाद भी लगभग 35 किसान, जवान, महिलाओं ने भाग लिया । अखंड किसान सत्याग्रह का नेतृत्व युवा किसान नेता तारेंद्र यादव उप सरपंच,बिषरू सिन्हा,परसराम ध्रुव, संतराम सिन्हा,भोला यादव,अवध साहू,बंशीलाल यादव ने किया।आज अखण्ड सत्याग्रह में शामिल सत्याग्रहियों को किसान नेता दशरथ सिन्हा,तारेंद्र यादव उप सरपंच, नंदलाल पटेल,कार्तिक यादव,रमेश विश्वकर्मा,चमरुराम यादव,श्रीमती राधबाई सिन्हा,हीराबाई यादव,शांति सिन्हा,सरस्वती वैष्णव,श्याम बाई ध्रुव,ठगनबाई सिन्हा,रामबाई ध्रुव आदि ने संबोधित किया।अखण्ड धरना सत्याग्रह में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए युवा किसान नेता तारेंद्र यादव उप सरपंच ने कहा कि पंचयती राज में जब-तक ग्राम पंचायत एवं ग्राम सभा से प्रस्ताव पास नहीं होगा,तब तक कृषि भूमि एवं ग्रामीण अंचल में उद्योग लग ही नहीं सकता।जबकि करणी कृपा स्टील एवं पावर प्लांट की पूरी प्रक्रिया पूर्ण रूप से वैधानिक है। इसलिए किसी भी हालत में जहर उगलने वाला उद्योग यहां नहीं लग सकता। दशरथ सिन्हा ने कहा कि सत्याग्रह के चलते दर्जनों किसानों ने भुगतान नहीं मिलने की शिकायत पर किसान मोर्चा ने बागबाहरा के किसानों का कराया भुगतान,तुमगांव क्षेत्र के किसानों का भी सात दिन में हो जाएगा भुगतान,इस किसान आंदोलन के ऐतिहासिक सफलता से किसानों का मनोबल बढ़ा है।किसानों को व्यापारियों से करोड़ो रूपये का भुगतान कराया है।नंदलाल पटेल ने कहा कि प्रजातंत्रीय व्यवस्था में प्रजा सर्वोपरि होता है। उसके सहमती एवं स्वीकृति के बिना उद्योग लगना तो दूर सोच भी नहीं सकते। कार्तिक यादव ने कहा कि हमारा यह किसान आंदोलन सिर्फ इस अंचल का ही नहीं है। यह पूरे प्रदेश के किसानों का आंदोलन बन गया है।रमेश विश्वकर्मा ने कहा कि हम लोग विश्व धरोहर सिरपुर, बारनवापारा अभ्यारण्य, कोडार बांध और क्षेत्र के हरियाली और खुशहाली को बचाने संकल्प बद्ध हैं।श्रीमती राधबाई सिन्हा ने कहा कि आंदोलन की सफलता के लिए संगठन का विस्तार और संसाधन जुटाने बाकी जरूरत है।शांति बाई सिन्हा ने कहा कि नारी शक्ति को यह समझ में आ गया है कि भ्र्ष्ट उद्योगपति के दलाली में नौकरशाहों की बुद्धि भ्र्ष्ट हो गया है।इसलिए तुमगांव, सिरपुर, महासमुन्द क्षेत्र की हरियाली और खुशहाली को बर्बाद करने में तुले हुए हैं। मगर हम लोग कामयाब होने नहीं देंगे.