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बस्तर जिला जगदलपुर मातृभूमि संदेश : अश्वनी कुमार कौशिक ll बस्तर का लोहा देश ही नही विदेशों तक भेजा जा रहा है, लेकिन इन सबके बाद भी बस्तर को हर बार छलने का काम कई वर्षों से चला आ रहा था लेकिन इस बार बस्तर में रेल सुविधाओं का विस्तार को आगे बढ़ाने के साथ ही आर पार की लड़ाई करने के साथ ही इसकी बागडोर युवा वर्ग ने संभाली, जहाँ युवाओं ने रेल रोकने से पहले ही अपना इरादा साफ कर दिया था कि अगर बस्तर को रेल नही तो फिर यहां से लोहा बाहर नही जाएगा l

इसी तारतम्य में बुधवार को आंदोलन संयोजक मंडल के संकेत शुक्ला, नवनीत चांद, सुशील मौर्य और रोहित सिंह आर्य के नेतृत्व में पटरी में बैठकर अपनी मांगों को लेकर रेल रोको आंदोलन से पहले ही रेल विभाग के अधिकारियों ने युवाओं के हौसलें को देखते हुए 9 मांगो को पूरी करने की बात कह डाली, हजारों की संख्या में आये युवाओं को रोकने प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, लेकिन युवाओं के जोश के आगे विशाखापत्तनम डीआरएम के प्रतिनिधियों ने युवाओं से मिलते हुए मांगो पर सहमति प्रदान कर दिया, बताया जा रहा है कि बस्तर में रेल सुविधाओं को और भी बढ़ाए जाने और रेल से जुड़ी अन्य मांगों को लेकर बुधवार को बस्तरवासियों ने रेल रोको आंदोलन का आगाज शुरू किया। इस आंदोलन में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए।

रावघाट परियोजना को जल्द से जल्द पूर्ण किए जाने से लेकर कुल 9 मांगों को लेकर बस्तरवासी सुबह से ही आंदोलनरत थे। बुधवार को पैदल ही हजारों की संख्या में आंदोलनकारी जगदलपुर के रेलवे स्टेशन जाने को निकले, लेकिन बीच रास्ते में ही बनाये गए बेरिकेड्स में युवाओं को रोक दिया गया, जहां पुलिस ने इन आंदोलनकर्ताओं को पटरी में जाने से रोक दिया, आंदोलन के शुरू होते ही रेलवे प्रशासन ने आंदोलनकारियों को एक पत्र दिया जो वॉल्टियर रेल मंडल के डीआरएम द्वारा लिखा हुआ था। जिसे लेकर विशाखापत्तनम डीआरएम के प्रतिनिधि जिसमें सुनील चक्ररवती ने यह पत्र लिखित रूप से आंदोलन कर रहे युवाओं को दिया, जिसमें रेल आंदोलन के सभी 9 बिंदुओं के विषय में रेलवे प्रशासन ने अपना पक्ष रखा था। इस पत्र में मांगों पर उच्चाधिकारियों और संबंधित विभागों को सूचित कराए जाने और कई मांगों पर सहमति भी रेलवे प्रशासन ने प्रदान की है। प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद आज का रेल रोको आंदोलन स्थगित कर दिया गया है, युवाओं की रही ये मांगे प्रमुख रूप से जगदलपुर को विशाखापट्टनम डिवीजन से रायगढ़ डिवीजन में ट्रांसफर किया जा रहा है जिसका बस्तर की जनता पुरजोर विरोध करती है तथा मांग करती है कि जगदलपुर को विशाखापट्टनम डिवीजन में यथावत रखा जाए। रावघाट जगदलपुर रेल लाइन परियोजना का निर्माण रेल्वे विकास निगम के द्वारा किया जाए एवं बस्तर रेल्वे प्राइवेट लिमिटेड से इरकॉन कंपनी को निलंबित किया जाए और भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए।बंद पड़ी रावघाट जगदलपुर रेल लाइन परियोजना को अतिशीघ्र आरंभ किया जाए दुर्ग जगदलपुर इंटरसिटी को पुनः प्रारंभ किया जाए और इस ट्रेन का विस्तार देश की राजधानी दिल्ली तक किया जाए।. कोरापुट तक आने वाली विभिन्न ट्रेनों का विस्तार जगदलपुर तक किया जाए।एनएमडीसी की तरह रेलवे द्वारा सीएसआर मद का पैसा बस्तर संभाग को दिया जाए l
जगदलपुर में मौजूद रेलवे हॉस्पिटल का उन्नयन कर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में तब्दील किया जाए।जगदलपुर क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले संवेदनशील रेल्वे क्रॉसिंग को चिन्हांकित कर ओवर ब्रिज या अंडर ब्रिज का निर्माण किया जाएजगदलपुर रेल्वे स्टेशन को सर्वसुविधायुक्त मॉडर्न स्टेशन के रूप में विकसित किया जाए रेलवे प्रशासन ने आंदोलन कर्मियों के इन मांगों पर दी सहमतिरावघाट जगदलपुर रेल लाइन परियोजना का निर्माण रेल्वे विकास निगम के द्वारा किया जाए एवं बस्तर रेल्वे प्राइवेट लिमिटेड से इरकॉन कंपनी को निलंबित किया जाए और भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की जाए,बंद पड़ी रावघाट जगदलपुर रेल लाइन परियोजना को अतिशीघ्र आरंभ किया जाए,दुर्ग जगदलपुर इंटरसिटी को पुनः प्रारंभ किया जाए और इस ट्रेन का विस्तार देश की राजधानी दिल्ली तक किया जाए, कोरापुट तक आने वाली विभिन्न ट्रेनों का विस्तार जगदलपुर तक किया जाए,जगदलपुर क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले संवेदनशील रेल्वे क्रॉसिंग को चिन्हांकित कर ओवर ब्रिज या अंडर ब्रिज का निर्माण किया जाए, जगदलपुर रेल्वे स्टेशन को सर्वसुविधायुक्त मॉडर्न स्टेशन के रूप में विकसित किया जाए l