कृष्ण कुमार साहू की रिपोर्ट – राजिम, मातृभूमि संदेश, रायपुर ।।

श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई डुबकी- श्रद्धालुओं ने पैरी, सोढूर और महानदी के संगम में डुबकी लगाने के बाद रेत से शिवलिंग बनाकर उसमें नारियल, बेल पत्ता, धतुरे का फूल, दूध चढ़ाकर पूजा अर्चना कर नदी में दीपदान किया।
सूर्योदय के पूर्व पुन्नी स्नान का बड़ा महत्व है। दीप दान किए जाने का भी धार्मिक महत्व है, इसलिए नदी की धार में दीप दान कर श्रद्धालु सीधे श्री राजीव लोचन और भगवान श्री कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन के लिए लोग पहुंचे।

श्री राजीव लोचन का जन्मोत्सव
मान्यता है कि माघ पूर्णिमा के दिन भगवान श्री राजीव लोचन का जन्म दिवस है। इसके उपलक्ष्य में कई दशकों से राजिम के इस पावन भूमि में मेले लगते आ रहा है। भगवान का जन्मोत्सव मंदिर प्रांगण में बैंड-बाजे के साथ बहुत ही धूम-धाम से मनाया गया है। भगवान के पूजा के बाद नया लाल ध्वज मंदिर के कलश में चढ़ाया गया। माघ पूर्णिमा को लेकर भगवान श्री राजीव लोचन का मंदिर दमकने लगा है। बिजली की झालर और तेज लाइट की रोशनी से जगमगाने लगा है।
नया मेला स्थल चौबेबांधा स्थान्तरित –
राजिम कुंभ मेला का आयोजन इस साल चौबेबांधा स्थान्तरित किया गया है। 12 फरवरी को प्रसिद्ध भजन गायिका मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति है।

26 फरवरी को होगा समापन
छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक राजिम कुंभ कल्प मेले का स्वरूप भी इस बार बदला हुआ है। इस वर्ष कुंभ कल्प की थीम पंचकोशी धाम पर आधारित है, जो श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता और संस्कृति का भव्य अनुभव प्रदान करेगी। इस आयोजन के तहत धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, संत समागम और आध्यात्मिक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। राजिम कुंभ कल्प मेले में देशभर से साधु-संतों, कथा वाचकों और श्रद्धालुओं का आगमन होगा। धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, लोककला और आध्यात्मिक संगोष्ठियों का आयोजन इस बार के कुंभ कल्प मेले को विशेष बनाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए की गई बेहतर व्यवस्था –
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, पार्किंग, ठहरने और खाने-पीने की विशेष व्यवस्था की गई है। मेला प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। 15 दिवसीय राजिम कुंभ का समापन 26 फरवरी महाशिवरात्रि को होगा। इसके अंतर्गत संत समागम का आयोजन 21 फरवरी से 26 फरवरी मार्च तक रहेगा। इस दौरान तीन पर्व स्नान 12 फरवरी माघ पूर्णिमा, 21 फरवरी जानकी जयंती और 26 फरवरी महाशिवरात्रि को होगा।