
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत योजना को भी अवैध कमाई का जरिया बना चुके हैं। डॉ संजय प्रसाद महारानी अस्पताल अधीक्षक ने दोहरा लाभ दिलवाया है अनुश्री पॉल को डाटा एंट्री कार्य के एवज अनुचित आर्थिक लाभ।

मातृभूमि / ब्यूरो।।

आयुक्त बस्तर संभाग और कलेक्टर बस्तर जिला को की गई शिकायत के आधार सरकारी डॉक्टर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत योजना को भी अवैध कमाई का जरिया बना चुके हैं। ऐसा ही एक मामला महारानी जिला चिकित्सालय जगदलपुर में सामने आया है। महारानी अस्पताल में पदस्थ डॉ. भंवर लाल शर्मा पर आयुष्मान भारत योजना की प्रोत्साहन राशि में लाखों का घोटाला करने के गंभीर आरोप लगे हैं। डॉ. शर्मा ने प्रोत्साहन राशि अपने चहेतों के नाम दर्शाकर आहरित कर ली है और वास्तविक हकदार कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि दी ही नहीं है। मामले की शिकायत पीड़ितों ने बस्तर संभाग के आयुक्त और कलेक्टर से की है। शिकायत पत्र के मुताबिक महारानी अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. भंवरलाल शर्मा ने प्रोत्साहन राशि का वितरण नियम विरुद्ध कर दिया है।
उनके द्वारा अपने चहेतों को डाटा एंट्री कार्य दिया जा रहा है और जिन्हें प्रोत्साहन राशि मिलनी चाहिए, उन्हें नहीं देकर कुछ ही लोगों के बीच अधिक राशि का वितरण किया जा रहा है। शिकायत के साथ प्रोत्साहन राशि वितरण की सूची भी बस्तर के दोनों उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है सूची में बताया गया है कि डॉ. भंवर लाल शर्मा ने अपने नाम पर 56 लाख 50 हजार 884 रुपए, कॉउंसलर अनुश्री पाल के नाम पर 1 लाख 72 हजार 319 रुपए, डाटा एंट्री ऑपरेटर संजीव झा के नाम पर 1 लाख 69 हजार 606 रुपए, डाटा एंट्री ऑपरेटर संतोषी दोहरे के नाम पर 1 लाख 48 हजार 604 रुपए, फार्मासिस्ट अंकुश मेश्राम के नाम पर 2 लाख 67 हजार 954 रुपए, फार्मासिस्ट विपुल सागर जग्गी के नाम पर 2 लाख 72 हजार 189 रुपए, फार्मासिस्ट शुभम त्रिपाठी के नाम पर 2 लाख 80 हजार 600 रुपए, डाटा एंट्री ऑपरेटर चामसिंह बघेल के नाम पर 1 लाख 54 हजार 205 रुपए और लैब मैनेजर विनोद पाणिग्रही के नाम पर 1 लाख 99 हजार 975रुपए 54 पैसे का वितरण दर्शाकर पूरी राशि आहरित कर ली है। इस तरह आयुष्मान भारत योजना की प्रोत्साहन राशि में डॉ. भंवर लाल शर्मा द्वारा लाखों रुपए की धांधली की गई है।

आयुक्त बस्तर संभाग और कलेक्टर बस्तर को की गई शिकायत के अनुसार डॉ. प्रसाद पर भी गंभीर आरोप, जो वर्तमान में जो वर्तमान में अधीक्षक महारानी अस्पताल के पद पर हैं और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं जिला अस्पताल में आयुष्मान कार्ड राशि का भुगतान नियम विरुद्ध किया जाना गंभीरता अनियमिताओं की ओर दर्शाता हैमहारानी जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. संजय प्रसाद पर भी शिकायत कर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक डॉ. संजय प्रसाद की भांजी अनुश्री पॉल जिला चिकित्सालय में कॉउंसलर के पद पर नियुक्त हैं, मगर उन्हें अनुचित ढंग से और नियम विरुद्ध तरीके से आयुष्मान भारत योजना की डाटा एंट्री के कार्य में लगवा कर डॉ. प्रसाद ने दोहरा लाभ दिलवाया है। अनुश्री पॉल को डाटा एंट्री कार्य के एवज में 1 लाख 72 हजार 319 रुपए की आयुष्मान भारत योजना मद से प्रोत्साहन राशि दिलाई गई है।
अनुश्री पॉल को कॉउंसलर के तौर पर तन्खावाह तो मिलती ही है, हेपेटाईटिस डोटा एंट्री ऑपरेटर के तौर पर भी हर माह दो हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी मिल रही है। बताया गया है कि अनुश्री पाल द्वारा हेपेटाईटिस डाटा एंट्री का कार्य किया ही नहीं जा रहा है, फिर भी उन्हें प्रति माह इस कार्य के एवज में दो हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इस तरह सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए अपनी रिश्तेदार को अनुचित आर्थिक लाभ दिलाया है। उल्लेखनीय है इनके ऊपर चिकित्सा अधिकारिय दोहरा लाभ लाभ देने काआरोप लग चुका है।
महारानी अस्पताल आयुष्मान कार्ड घोटाला के बड़े खुलासे होने की संभावना हैं इस पूरे मामले को लेकर आगे जांच का विषय है। देखना है कि इस मामले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आयुष्मान भारत योजना को लेकर आयुक्त बस्तर संभाग और कलेक्टर बस्तर जिला किस तरीके से जांच का परिणाम आता है।
“विज्ञप्ति / पत्र से प्राप्त जानकारी की सत्यता हमारी जिम्मेदारी नहीं है” इससे यदि किसी को ठेस पहुंची है क्षमा प्रार्थी”..