बस्तर जिले के नव पदस्थ कलेक्टर विजय दयाराम गंभीर वायरसLUMPy VIRUS की रोकथाम हेतु ध्यान देंगे ताकि बस्तर जिला इस बीमारी की चपेट से ना आ जाए ,वायरस चपेट मे आये गौ वंश को वायरस से लड़ने हेतु पौष्टिक आहार की आवश्यकता होती है किंतु सेंटर मे केवल सुखा चारा पैरा और पानी भरोसे गौ वंशों को छोड़ दिया है, जिन गौ वंश के एम्युन सिस्टम कमजोर है उनकी मौत हो रही है, गौ माता की मौत का लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन है?

मातृभूमि संदेश बस्तर ।। कलेक्टर विजय दयाराम बस्तर जिले में इस वायरस से चपेट में आने वाली जानू से महामारी का रूप ले लिया जा सकता है एवं दूध विक्रेताओं पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा विभाग मोन क्यों है?लंपि वायरस के प्रकोप के चलते पशु बाजारो और अन्य राज्यों से आवागमन बंद हेतु सरकारी आदेश का हो रहा उल्लघंन:रोहन कुमार।



जगदलपुर: Lumpy skin virus बस्तर में लगातार फैल रहा है, बस्तर जिले में कितने जानवरों की मौत हो गई है कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, इस वायरस से संक्रमित गायों का दूध कितना संक्रामक होता है, इस वायरस का असर इस वायरस का असर दूध में जरूर दिखाई देता है परंतु इसे पूरी तरह खत्म किया जा सकता है, जानिए क्या होता है LUMPy VIRUS यह बीमारी कैपरी- पाकास वायरस के कारण होता है:-





बस्तर मे गौ वंश लंपि वायरस के प्रकोप से जुझ रहे,आये दिन मौत और लंपि ग्रस्त मवेशी मिल रहे। बजरंग दल गौ रक्षा प्रमुख मुन्ना बजरंगी ने बताया की लगातार लंपि के केस मिल रहे पीड़ित गौ वंश का बजरंगदल रेस्क्यू कर कोरेन्टाईन सेंटर उचित उपचार हेतु भेज रहे हैl विश्व हिंदू परिषद जिला प्रचार प्रमुख रोहन कुमार ने बताया लंपि वायरस का प्रकोप दिनों दिन तेजी से फैल रहा है, जिन गौ वंश को यह वायरस हो रहा बहुत ही दयनीय स्थिति बनी हुई हैl बजरंगदल गौ रक्षा विभाग लगातार पीड़ित गौ वंशों को उपचार हेतु कोरेन्टाईन सेंटर भेज रहा हैl वायरस चपेट मे आये गौ वंश को वायरस से लड़ने हेतु पौष्टिक आहार की आवश्यकता होती है किंतु सेंटर मे केवल सुखा चारा पैरा और पानी भरोसे गौ वंशों को छोड़ दिया है, जिन गौ वंश के एम्युन सिस्टम कमजोर है उनकी मौत हो रही है l बस्तर मे लंपि वायरस का फैलाव पड़ोसी राज्य ओड़िसा से गौ वंशों से आया है, जो की पशु बाजार मे लाये जाते है lबजरंग दल गौ रक्षा पिछले हफ़्ते जब बाजार देखने पहुँचे तो कई गौ वंश इस वायरस के चपेट मे थे, चूंकि बाजार बंद करने के आदेश प्रशासन ने जारी किये थे जिसका असर रत्ति भर भी नहीं था l इस रविवार 07 मई को भी पशु बाजार खुले दिखे, प्रशासन केवल आदेश जारी कर चुप्पी साध ली है, बंद करवाने किसी प्रकार की गतिविधि देखने को नहीं मिली यह सवाल उठता है की किसके संरक्षण मे सरकारी आदेश के विरुद्ध यह पशु बाजार चल रहे और क्यों अवैध रूप से पशु बाजार लगाने वाले पर पशु परिरक्षण अधिनियम व क्रूरता अधिनियम या अन्य वैधानिक कार्यवाही नहीं हो रहीl निरंतर मिल रहे लंपि ग्रस्त पशु का मिलना और वायरस से गोधन की मौत नहीं रुक रही। प्रशासन की कार्यवाही और स्थानीय जन प्रतिनिधि इस वायरस को रोकने मे गंभीरता से नहीं ले रहे।